Tuesday, 12 January 2016

अभियान

पौलिथिन हटाओ, शहर को स्वच्छ बनाओं शहर की प्रमुख समाजसेवी संस्था बैनर लेकर मार्च पास्ट कर रही थी। एक बड़े चैराहे पर ट्रैफिक रोक दिया गया अध्यक्ष ने भाषण दिया, पालिथिन का प्रयोग कर हम आत्महत्या की ओर बढ़ रहे है बच्चों के जीवन के हानिकारक रसायन घोल रहे है।


गाय जो हमारे जीवन की रक्षक है पालिथिन से भरे कचरे को खाकर मर रही है नाले उफन रहे है... आदि आदि... एक के बाद एक नेता पालिथिन के उपयोग के विरोध में शपथ लेने लगे। 



नही करेंगे नहीं करेंगे पालिथिन का उपयोग नहीं करेंगे सभा समाप्त हुई एक तरफ पानी शर्बत चाय नाश्ता सज गया पंक्ति ले लेकर खाने लगे फिर उस पर टूट पड़े। 

कुछ देर में चैराहा खाली था पूरे चैराहे पर प्लास्टिक के गिलास प्लेटे बड़ी बड़ी पालिथिन की थैलिया प्लास्टिक की बोतलें बिखरी पड़ी थी।पार्टी सम्मान



पार्टी महामहिन के स्वागत के लिये शहर की मुख्य सड़क और रामलीला मैदान तैयार था पूरी सड़क पर पतले प्लास्टिक पर पार्टी का झंडा छाप कर उसकी झंडियां लगाई गई थीं। सभी चैराहों पर उन झंडियों को कई कई पंक्तियों में बांधा गया था


कई कई बैनर स्वागत के लिये लगा दिये गये हाथ में छोटे छोटे झंडे लेकर पंक्ति स्कूल के बच्चे खड़े थे। रामलीला मैदान में झंडियों से जैसे छत बना दी गई हो हर तरफ पार्टी का प्रदर्शन हो रहा था।


प्लास्टिक के बैनर दो डंडों में बांधकर उस पर पार्टी महामहिम का स्वागत है शहर की छोटी बड़ी संस्थाओं के सदस्य खड़े थे। महामहिम आये आगे पीछे लंबे काफिले से बंद गाड़ी में निकलते चले गये जनता हाथ हिलाती रह गई।



रामलीला मैदान भरा था। जोशीला भाषण दिया। नगर की समस्याओं को सुना, कूड़ा जलभराव, सड़क सभी पर जोशीला भाषण दिया और बंद गाड़ी में चले गये। पूरी सड़क सड़क पर बैनर पड़े थे जिन्हें रौंदते गांडि़यों और आदम चले जा रहे थे। भइया की राखी
 अभियान: अगला भागhttp://ulatpalat.blogspot.com/2015/12/blog-post_28.html


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