मुरादाबाद जिले में दादी बखोई की दरगाह का पेड़ अपने ढंग का संसार में एक अजूबा पेड़ है। कहते है दादी बखोई अपने घर में स्नान कर रही थीं। उसी समय उनके द्वार पर किसी फकीर ने अलख जगाई। दादी बखोई को लगा कि फकीर ने उनका शरीर देख लिया है उन्होंने प्रार्थना की अब मैं जीवित नहीं रहना चाहती। या खुदा मैं यहीं जमीन में समा जाऊँ। कहते है उसी वक्त जमीन फट गई दादी बखोई उसमें समा गई। उनकी चोटी का कुछ भाग बाहर रह गया था। यह पेड़ उसी स्थान पर हैं। यह जड़ से लेकर पत्तियों तक चोटी की तरह गुँथा हुआ है। उसकी शाखाऐं भी चोटी की तरह गुंथी हुई है उस पेड़ पर एक फल आता है। उसका स्वाद प्रसाद में काम आने वाली इलायची दाना मिठाई जैसा है।
6. श्याम देश के व्यापारी लोग सिक्के की सत्यता की जांच परख का काम बंदरों से लेते थे। परखने वाला बन्दर रुपये को उठाता बजा कर तुरन्त बता देता कि रुपया खोटा है या खरा? बहुत से चतुर व्यक्तियों ने बंदर को धोख में डालने के लिये खोटे सिक्कों को परख कर दूर फेंक दिया। बन्दरों की सूझबूझ व विलक्षण प्रतिभा का रहस्य अभी तक समस्या बनी हुई है।
7. रोम के सम्राट ने मैसीडोनिया पर अधिकर कर लिया। वहाँ के राजा पर्सस का उन्होंने साल भर तक स्वागत सत्कार किया भोजन या मनोरंजन में कमी नहीं आने दी। पर उसे साल भर तक सोने नहीं दिया। सोते ही उसे जगा दिया जाता। वर्ष भर बाद ही राजा मर गया। यह था अनोखा दण्ड।
8. 1915 में आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के सैनिक गेलीपेली में युद्ध कर रहे थे। युद्ध के दौरान जान मिशल नाम के एक सैनिक को गोली लगी जो उसके दिल में जा घुसी, किन्तु उसके प्राण बच गये। धीरे-धीरे इस घटना को हुए बीस वर्ष बीत गये। इन बीस वर्षों में गोली मिशल के दिल के पास अटकी रही।बीस वर्षों बाद एक दिन मिशल अपनी पत्नी को सैर कराने भूमध्य सागर के उसी क्षेत्र में ले गया। वहाँ से वे गेली पोली के सागर तट पर चले गये। मिशल अपनी पत्नी को एक जगह ले गया और बोला! यही वह जगह है, जहाँ पर मुझे गोली लगी थी।’ इतना कहने के साथ ही वह लड़खड़ा कर वही गिर पड़ा। देखते देखते उसके प्राण पखेरु उड़ गया।
9. एक बार एक खोए हुए गधे ने अरबो रुपये के मूल्य की खान खोजी थी। वह केलाग के कस्बे के करीब इडाहो की पहाड़ियो में भटक रहा था। अचानक लड़खड़ा कर लुढ़का और नीचे गिर गया। उसे पीटने की धुन में रुर्क और कैलाग उसे खोजने लगे। खोजते खोजते उन्हें गधा मिला एक धातु की खान में। वह सलीवान की खान इस समय बंकर की पहाड़ियों में हैं। अब झगड़ा हुआ गधे के असली मालिक और इन दोनों किराए पर लेने वालों में खान की मिल्कियत को लेकर झगड़ा बढ़ा। मुकदमा चला। इडाहों के माननीय जज नारगन बक ने बाकायदा सन् 1885 में गधे को खान का खोजकर्त्ता घोषित कर दिया। गधे के मालिक को लाभांश का आधे का हकदार माना गया, जो अरबों तक पहुँचा।
10. ं हैमबर्ग में एक सुप्रसिद्ध पोप गायक जोसेफ बेयर अपने एक गीत की रिकार्डिंग स्टूडियों के बाहर हो रहे कर्णभेदी शोर के कारण नहीं करवा सके। उस गीत का शीर्षक था क्लाइव स्ट्रीट यानी शान्त गली।
11. ह्यूस्टन, टैक्सास में एल्बर्श एन विल्सन नामक एक युवती जिसकी आयु मात्र 22 वर्ष है उसे 2,500 साल की कैद की सजा हुई। उस पर आरोप था कि उसने मैक्सिको के तीन नागरिकों को लूटने में अपराधियों की मदद की थीं। बात 1922 की है। कुछ लोग छुट्टी पर ह्यूस्टन आये, यह युवती उन्हें बहला फुसला कर पास के ही एक होटल में ले गई। वहाँ लुटेरों ने लोगों केा मार पीट कर उनका सब कुछ लूट लिया। मामला अदालत में पहुँचा। मुकदमें के दौरान मालुम हुआ कि लुट जाने के बाद जब पर्यटक जाने लगे थे, तब एक लुटेरे ने उन पर गोलियाँ चला कर कुछ को मार डाला।
मुकदमें की कार्यवाही दो साल तक चली। फैसले में विद्वान न्यायाधीश ने लिखा ‘लूटने के बाद निर्दोष व्यक्तियों पर अकारण गोलियाँ चलाकर उन्हें मारा गया। इस सारे कांड की दोषी यह युवती ही है। इसे इस जघन्य अपराध के लिये 2,500 साल से कम की सजा नहीं दी जा सकती। और एल्बर्ट को विश्व के इतिहास में सबसे लम्बे कारावास का दण्ड सुना दिया गया।